क्या आप जानते हैं रेलवे स्टेशनों के पीछे टर्मिनल और जंक्शन क्यों लिखा जाता है ?

रेलवे में क्यों टर्मिनस/टर्मिनल जंक्शन बनाये गए है आइये जानते हैं इसके बारे में कुछ रोचक जानकारियां।
तो चलिए शुरू करते है पहले टर्मिनल से।
1. टर्मिनल

रेलवे ट्रैक के खत्म होने पर एक स्टेशन को टर्मिनस या टर्मिनल कहा जाता है. जहां से ट्रेन आगे नहीं जाती है यानी ट्रेन केवल आ सकती है वहाँ से आगे जाने का रास्ता नहीं होता है. इसे ऐसे भी समझा जा सकता है।

क्या आपको पता है कि छत्रपति शिवाजी टर्मिनल/ विक्टोरिया टर्मिनस और लोकमान्य तिलक टर्मिनल देश के सबसे बड़े टर्मिनल स्टेशन हैं व अन्य बांद्रा टर्मिनस, हावड़ा टर्मिनस, भावनगर टर्मिनल, इत्यादि।।
ऊपर आपने पढ़ा टर्मिनल के बारे में आइये अब बात करते हैं जंक्शन क्या होता है।
 
2. जंक्शन
जंक्शन एक ऐसा स्टेशन होता है जहाँ तीन या अधिक ट्रेन लाइनें अभिसरण या विचलन करती हो। मूल रुप से जंक्शन कहे जाने वाले स्टेशन को स्टेशन से बाहर जाने वाली कम से कम तीन ट्रेन लाइनों की आवश्यकता होती है और स्टेशन में आने वाली ट्रेनों में से कम से कम दो आउटगोइंग ट्रेन लाइनें होनी चाहिए।
भारत में प्रमुख जंक्शन हैं :
 
हावड़ा जंक्शन, अम्बाला कैंट, कोडरमा जंक्शन, पटना जंक्शन, इलाहाबाद जंक्शन आगरा कैंट इत्यादि।।
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